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छात्र थप्पड़ मामला: न्यायालय का उप्र सरकार को अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश

शीर्ष अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन में उत्तर प्रदेश सरकार की नाकामी का मामला है।
supreme court
फ़ोटो : PTI

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने मुजफ्फरनगर में एक शिक्षिका के निर्देश पर स्कूल के एक छात्र को सहपाठियों द्वारा थप्पड़ मारे जाने के मामले को बेहद ‘‘गंभीर’’ करार दिया और सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को मामले की जांच के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति पंकज मित्तल की पीठ ने निर्देश दिए कि भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी शीर्ष अदालत में रिपोर्ट दाखिल करेंगे। साथ ही उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकार को पीड़ित और घटना में शामिल अन्य छात्रों की पेशेवर परामर्शदाताओं से काउंसलिंग कराने का निर्देश दिया।

शीर्ष अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन में उत्तर प्रदेश सरकार की नाकामी का मामला है। यह प्रावधान जाति,धर्म अथवा लिंग के आधार पर भेदभाव किए बिना 14 वर्ष तक के बच्चों को गुणवत्तापरक,निशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा मुहैया कराने से जुड़ा है।

पीठ ने घटना को ‘‘गंभीर’’ बताया, साथ ही राज्य सरकार से राज्य भर के स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन की स्थिति रिपोर्ट चार सप्ताह में पेश करने को कहा।

पीठ महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में मामले की त्वरित जांच कराने का अनुरोध किया गया था।

इससे पहले छह सितंबर को उच्चतम न्यायालय ने मुजफ्फरनगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को इस मामले पर स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।

उच्चतम न्यायालय ने एसपी से छात्र और उसके माता-पिता की सुरक्षा के लिए किए गए उपायों के बारे में सूचित करने को भी कहा।

इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को भी नोटिस जारी किया और 25 सितंबर तक उसका जवाब मांगा। 

मुजफ्फरनगर पुलिस ने सांप्रदायिक टिप्पणी करने और गृहकार्य नहीं करने पर छात्रों को अपने एक मुस्लिम सहपाठी को थप्पड़ मारने का आदेश देने की आरोपी शिक्षिका के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

मामले के संबंध में राज्य शिक्षा विभाग ने स्कूल को नोटिस भी भेजा था।

स्कूल की शिक्षिका का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के एक दिन बाद मामला दर्ज किया गया था। वीडियो में शिक्षिका खुब्बापुर गांव के स्कूल में छात्रों से दूसरी कक्षा के छात्र को थप्पड़ मारने के लिए कहते और सांप्रदायिक टिप्पणी करते नजर आ रही थी।

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