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IIT-BHU गैंगरेप मामला: छात्र, नागरिक समाज और सियासी दल सभी सड़क पर उतरे, आरोपियों को बचाने वाले बीजेपी नेताओं पर भी कार्रवाई की मांग

बीएचयू के स्टूडेंट्स ने पुलिस प्रशासन और बीजेपी पर सवाल उठाया कि गैंगरेप के दरिंदो को साठ दिनों तक कौन लोग बचा रहे थे? साथ ही यह भी कहा कि कैंपस में पुलिस की तैनाती और छात्राओं पर कर्फ़्यू टाइमिंग थोपकर उन्हें हॉस्टल में क़ैद करने की कवायद शुरू हो गई है।
BHU

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित आईआईटी-बीएचयू परिसर में बीटेक छात्रा के साथ गैंगरेप के आरोप में बीजेपी आईटी सेल के पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद पूर्वांचल की राजनीति में भूचाल आ गया है। बनारस से लगायत लखनऊ तक आंदोलन शुरू हो गया है। आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने और उन्हें संरक्षण देने वालों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस ने आज, मंगलवार, 2 जनवरी को प्रदर्शन किया। आंदोलनकारी नारेबाजी करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी के रविंद्रपुरी स्थित कार्यालय की ओर जा रहे थे, लेकिन उन्हें वहां जाने से रोक दिया गया। इससे पहले सोमवार, पहली जनवरी को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और छात्रों ने बीएचयू स्थित लंका गेट व लहुराबीर पर प्रदर्शन किया और आईआईटी की छात्रा के साथ दरिंदगी करने वालों के घरों पर बुलडोजर चलाने और उन्हें पनाह देने वाले बीजेपी के नेताओं के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग उठाई।

आरोप है कि आईआईटी बीएचयू परिसर में बीजेपी के तीन पदाधिकारियों ने एक नवंबर 2023 की रात आईआईटी छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की शर्मनाक घटना को अंजाम दिया था। इस मामले में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी भी मुखर हो गई है। दोनों दलों ने इस मुद्दे को लेकर प्रदेश भर में आंदोलन छेड़ने और इस मामले को चुनाव में मुद्दा बनाने का ऐलान किया है। इस मामले में पीएम-सीएम की चुप्पी पर कांग्रेस ने भी बीजेपी सरकार को घेरने की बात कही है।

लखनऊ में आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर के नेतृत्व में आईआईटी-बीएचयू की छात्रा के साथ गैंगरेप के मामले में आरोपियों को बचाने वाले नेताओं पर एक्शन लेने की मांग उठाते हुए हजरतगंज स्थित गाधी प्रतिमा के सामने आरोपियों के नाम पर पुष्प अर्पित करते हुए बीजेपी नेताओं की आत्मा की शुद्धि केलिए प्रार्थना की गई।

कांग्रेस हमलावर हुई

इस मामले में बीजेपी के आईटी सेल के पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस भी हमलावर हो गई। मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी के रविंद्रपुरी स्थित कार्यालय पर प्रदर्शन करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। गुरुधाम कालोनी के सामने पुलिस ने बैरिकेटिंग लगा रही थी। आंदोलनकारियों को आगे नहीं दिया जा रहा था। बाद में आंदोलनकारियों ने बैरिकेटिंग तोड़ी दी। आगे बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर उनका पुलिस से काफी विवाद हुआ। इस बीच मौके पर कांग्रेस के नेता आंदोलनकारी नारेबाजी और प्रदर्शन करते रहे। काफी जद्दोजहद के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस अफसरों के जरिये प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा।

प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कांग्रेस महानगर के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे कर रहे थे। प्रदर्शन में प्रजानाथ शर्मा, वैभव त्रिपाठी, अशोक पांडेय, मंगलेश सिंह, नरसिंहदास, अशोक पांडेय, शैलेंद्र सिंह, आनंद प्रताप तिवारी, राकेश चंद्र शर्मा समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

छात्रों और नागरिक समाज का प्रदर्शन 

इससे पहले बीएचयू गैंगरेप की पीड़िता को न्याय दिलाने और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को बीएचयू के स्टूडेंट्स और साझा संस्कृति मंच ने संयुक्त रूप से बीएचयू के लंका गेट पर प्रदर्शन किया। आंदोलन में बीएचयू के स्टूडेंट्स के अलावा नागरिक समाज के लोग शामिल हुए।

प्रदर्शन में शामिल बीएचयू के स्टूडेंट्स ने पुलिस प्रशासन और बीजेपी पर सवाल उठाया कि गैंगरेप पीड़िता के दरिंदो को साठ दिनों तक कौन लोग बचा रहे थे? साथ ही यह भी कहा कि कैंपस में पुलिस की तैनाती और छात्राओं पर कर्फ्यू टाइमिंग थोपकर उन्हें हॉस्टल में कैद करने की कवायद शुरू हो गई है। एनसीआरबी के आंकड़े इस बात गवाह हैं कि जो इलाके पूरी तरह से पुलिस के नियंत्रण में हैं, वहां छेड़खानी, बलात्कार जैसे अपराध बढ़ ही रहे हैं। एक लंबे समय से बीएचयू में विशाखा गाइडलाइंस को लागू कर जीएसकैश के गठन की मांग चल रही है, जिसे प्रशासन नजरंदाज कर रहा है। बीजेपी सरकार एक तरफ 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा देती है, दूसरी तरफ पढाई करने आई बेटियां अपने ही कैंपस में सुरक्षित नहीं हैं। भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ते जा रहे हैं।

सभा में कहा गया, "एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार यूपी महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में पहले स्थान पर है। एनसीआरबी, 2023 के आंकड़ों के अनुसार बनारस में हर छठवें दिन बलात्कार की घटना हो रही है। इन आंकड़ों के अनुसार ही बनारस में 18 वर्ष से कम उम्र के 46 बच्चे बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटना हुई। वहीं महिलाओं के साथ रेप के 61 मामले आए हैं। यह कोई पहली घटना नहीं जब अपराधी या बलात्कारी का संबंध भाजपा से है। भाजपा और आरएसएस जैसे संगठनों ने देश में राजनीतिक स्तर को इतना नीचे गिरा दिया है कि अपराधी होना इन संगठनों में प्रोमोशन की आवश्यक शर्त बन चुकी है। कठुआ, उन्नाव, सोनभद्र से लेकर हाथरस तक हुए बलात्कर की घटनाओं में बीजेपी नेता या तो संलिप्त मिले या फिर अपराधियों के साथ खड़े पाए गए। मणिपुर में सैकड़ों महिलाओं के साथ बलात्कर होता रहा, लेकिन प्रधानमंत्री की चुप्पी नहीं टूटी। महिला पहलवान पिछले एक साल से न्याय की मांग कर रहे हैं। लेकिन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता। बिलकीस बानो के बलात्कारियों को पहले जेल से रिहा कराना और फिर उनका फूल माला से स्वागत, भाजपा के असली चाल चरित्र चेहरे को उजागर करता है।"

"बीजेपी सरकार की नकारात्मक कार्यवाहियों के चलते भाजपा नेताओं में जघन्य अपराध करने की प्रवृत्ति विकसित होती जा रही हैं। सरकार की चुप्पी से अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है। भाजपा ने ही सोशल मीडिया ट्रोलिंग की संस्कृति विकसित है जहां महिला विरोधी गाली-लौच करना, इनके कार्यकर्ताओं की दिनचर्या का हिस्सा हो गया है। बीएचयू गैंगरेप मामले में ही अपराधियों पर कार्यवाही के बजाय पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग करने वाले छात्र-छात्राओं पर झूठे मुकदमें लादे गए। एबीवीपी को प्रदर्शनकारी छात्र- छात्राओं पर हमले की खुली छूट दे दी गई। पूरा पुलिस महकमा और प्रशासन हमलावर एबीवीपी के साथ खड़ा दिखा।" 

प्रदर्शन में एक्टिविस्ट जागृति राही, संजीव सिंह, राणा रोहित, फादर आनंद, महेंद्र राठौर, धनंजय त्रिपाठी रोशन, इंदु पांडेय, राजीव नयन, पाटिल, मुरारी, अमन, दीपक, जितेंद्र, चंदा, सतीश सिंह, विपिन कुमार, जितेंद्र कुमार, निधि, रेनी, नीति, शशि आदि शामिल हुए।

सोमवार को भी राजनीतिक दलों ने प्रदर्शन किया

दूसरी ओर, काशी हिंदू विश्वविद्यालय छात्रा के साथ गैंगरेप के आरोप में  गिरफ्तार किए गए भाजपा नेताओं को संरक्षण देने वालों का पर्दाफाश करने की मांग करते हुए वाराणसी के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सोमवार को लहुराबीर चौराहे पर प्रदर्शन किया और बाद में आजाद पार्क में धरना दिया।

वहां आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा, "घटना के दो महीने बाद दरिंदों की गिरफ्तारी पुलिस और शासन-प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़ा करती है। साथ ही बनारस के सांसद व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस शर्मनाक वारदात पर अभी तक क्यों चुप्पी साधे हुए हैं। पुलिस के बयान से यह साफ हो गया है कि बलात्कार के तीनों आरोपी भाजपा के रसूखदार लोग हैं और उन्हें संरक्षण देने वालों का नाम जानबूझकर उजागर नहीं किया जा रहा है। इस घटना ने यह बात भी साफ हो गई है कि बीजेपी कितनी संस्कारी पार्टी है। वह बेटी बचाओ का नारा तो देती है, लेकिन इसके नेता बेटियों पर यौन हमले करने में तनिक भी संकोच नहीं करते। प्रधानमंत्री की चुप्पी भी यह साबित करती है कि वे बेटी बचाने के लिए कितना चिंतित हैं? "

राजनीतिक दलों की संयुक्त सभा में वक्ताओं ने यह भी कहा, "बीजेपी को बताना चाहिए कि आईटी सेल के तीनों अभियुक्तों की पहुंच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक कैसे हो गई थी। इन की तस्वीरों से साफ जाहिर हो रहा है कि बीजेपी के वरिष्ठ नेताओँ की छत्रछाया में वो फल-फूल रहे थे। यही वजह है कि पुलिस ने दो महीने तक तीनों का बचाव किया। बलात्कारियों को फांसी की सजा दी जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वो यमराज कहां है जिसे अगले चौराहे पर मिलने की घोषणा की थी। गिरफ्तार भाजपा नेताओं के घरों पर बुलडोजर कब चलेगा? पुलिस को चाहिए कि वो दरिंदों को संरक्षण देने वालों का भी पर्दाफाश करे। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को इस घटना पर चुप्पी तोड़ें।"

सभा में मौजूद सीपीआई-एम राज्य सचिव डॉक्टर हीरालाल यादव, समाजवादी चिंतक विजय नारायण सिंह समाजवादी नेता अतहर जमाल लारी पूर्व एमएलसी अरविंद सिंह के अलावा कुंवर सुरेश सिंह, राकेश पाठक, जमाल लारी, शिवनाथ यादव, मोबीन अहमद, पीके दत्ता, कृष्ण शंकर रघुवंशी एडवोकेट, शिव बहादुर एडवोकेट, चुलबुल इम्तियाज अहमद,तुषार, शुभम् जन्मेजय सिंह ऐलान किया कि वो आमजन के बीच जाकर भाजपा के बलात्कारी संस्कार का पर्दाफाश करेंगे। इसके लिए मुहिम छेड़ी जाएगी।

सपा करेगी बड़ा आंदोलन

इस बीच, बीएचयू छात्रा के साथ गैंगरेप मामले को लेकर समाजवादी पार्टी भाजपा को घेरने के लिए आंदोलन की तैयारी में जुट गई है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सभी फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों और वाराणसी के वरिष्ठ नेताओं से लेकर बड़ा आंदोलन चलाने का आह्वान किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के सभी फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारी और वाराणसी के वरिष्ठ नेताओं से बात करके छात्रा के साथ हुई गैंगरेप घटना के विरोध में बड़ा प्रदर्शन करने और सरकार को घेरने का आह्वान किया है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा है, "जब भारतीय जनता पार्टी से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ता इस तरीके की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं तो फिर प्रदेश की क्या स्थिति है, समझा जा सकता है। सत्ता के नशे में भारतीय जनता पार्टी के नेता, कार्यकर्ता महिलाओं-बेटियों की इज्जत को तार-तार कर रहे हैं। गैंगरेप मामले में भारतीय जनता पार्टी नेताओं की संलिप्तता साफ-साफ सामने आई है।"

सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने भी महिलाओं-बेटियों के साथ हो रही इस तरह की घटनाओं के विरोध में सरकार को बेनकाब करने के लिए दिशा निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पार्टी कार्यकर्ता मंडल स्तर पर विरोध प्रदर्शन करें। ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल और राष्ट्रपति को संबोधित पत्र भेजें और उसमें कड़ी कार्रवाई की मांग करें। साथ ही मंडल स्तर पर बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों से चर्चा करें और उन्हें बताएं कि भारतीय जनता पार्टी के नेता-कार्यकर्ता किस प्रकार से बहन-बेटियों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव इस घटना के विरोध में पार्टी की महिला सभा की पदाधिकारी को भी धरना-प्रदर्शन विरोधी करने के दिशा निर्देश दिए हैं।

समाजवादी पार्टी के विधायक प्रवक्ता रविदास कहा है कि बनारस विश्वविद्यालय की एक छात्रा के साथ गैंगरेप हुआ और इस घिनौने और शर्मनाक कृत्य में भारतीय जनता पार्टी के तीन नेता शामिल रहे। बहुत दबाव के बाद भारतीय जनता पार्टी के उन तीन नेताओं को सामूहिक बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस घटना के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी के नेता बहन और बेटियों के साथ लगातार बलात्कार करने का काम कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी बहनों की और बेटियों की रक्षा के लिए उनके सम्मान के लिए हर तरीके से संघर्ष करने का काम करेगी। हम लोग बहुत ही शीघ्र इस संबंध में अधिकारियों को ज्ञापन देंगे और अगर उसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। महिलाओं-बहन और बेटियां से आह्वान है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को सबक सिखाने का काम करें।

(लेखक बनारस स्थित वरिष्ठ पत्रकार हैं।)

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