Skip to main content
xआप एक स्वतंत्र और सवाल पूछने वाले मीडिया के हक़दार हैं। हमें आप जैसे पाठक चाहिए। स्वतंत्र और बेबाक मीडिया का समर्थन करें।

निर्वाचन आयोग में निष्पक्षता और तटस्थता की कमी: महबूबा मुफ़्ती

महबूबा मुफ़्ती ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
Mehbooba Mufti
फ़ोटो साभार: PTI

जम्मू: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) में निष्पक्षता और तटस्थता की कमी होने और केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर मीडिया सहित लोकतंत्र की संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री मुफ़्ती ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक एक वीडियो साक्षात्कार में कहा, ‘‘भारत का निर्वाचन आयोग (ईसीआई), जिसे निष्पक्ष और तटस्थ माना जाता है, वास्तव में निष्पक्ष या तटस्थ नहीं है। ईडी तटस्थ नहीं है।’’

उन्होंने महाराष्ट्र में ‘‘सर्जिकल स्ट्राइक और अवैध स्ट्राइक’’ के लिए भी भाजपा की आलोचना की, जहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अजित पवार और आठ अन्य विधायकों ने पार्टी के खिलाफ बगावत की और शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल हो गए।

उन्होंने कहा कि विपक्ष को न केवल भाजपा से बल्कि ईडी, सीबीआई और निर्वाचन आयोग जैसी विभिन्न सरकारी एजेंसियों से भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘वे सरकार की एक एजेंसी और गठबंधन भागीदार बन गए हैं, ताकि विपक्ष को डराया जाए, धमकाया जाए और पार्टी टूट जाएं और उनके (भाजपा) साथ मिल जाएं और नयी सरकारें बन जाएं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वे (भाजपा) (लोकतंत्र की) सभी संस्थाओं और व्यवस्थाओं को नष्ट कर रहे हैं। मीडिया पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। यह देश के लिए अच्छा नहीं है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक दलों को तोड़ने और विधायकों को ‘खरीदने’ के लिए धनबल का इस्तेमाल करती है, जबकि वह भ्रष्टाचार से लड़ने के बड़े-बड़े दावे करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह पाखंड भाजपा के भ्रष्टाचार को दर्शाता है। इस पार्टी के पास भ्रष्टाचार से संबंधित सबसे अधिक पैसा है। वे इस पैसे से अवैध रूप से लाभ उठाते हैं और निर्वाचित लोगों एवं सरकारों को खरीदते हैं। वे उन्हें उखाड़ फेंकते हैं और अपनी भ्रष्ट सरकार स्थापित करते हैं। इसका प्रभाव पूरे देश में महसूस किया जाता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लोगों के अपने वोट के ज़रिये किसी को चुनने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि वे (भाजपा) उन्हें पैसे के जरिये खरीद लेंगे। वे लोकतंत्र की मूल अवधारणा पर प्रहार कर रहे हैं।’’
जम्मू कश्मीर की स्थिति पर महबूबा ने दावा किया कि यह एक प्रयोगशाला बन गई है, जहां लोकतंत्र का गला घोंटा जाना शुरू हो गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हर चीज हमसे शुरू होती है। लोकतंत्र का गला घोंटना हमसे शुरू हुआ। अब यह (जम्मू कश्मीर का यह प्रयोग) पूरे देश में चल रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अनुच्छेद 370 को अवैध तरीके से हटाना संविधान का गंभीर उल्लंघन था। उच्च्तम न्यायालय का फैसला था कि आप इसे तब तक नहीं हटा सकते जब तक कि संविधान सभा इसकी अनुशंसा नहीं करती। संविधान सभा कहां है?’’

उन्होंने सरकार पर जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनावों से बचते हुए चुनिंदा चुनावों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।

पीडीपी प्रमुख ने कहा, ‘‘वे पंचायत, ब्लॉक, शहरी स्थानीय निकायों और संसद के चुनाव कराने की बात करते हैं, लेकिन वे विधानसभा चुनाव के बारे में बात नहीं करते हैं। उन्हें विफलता, अपनी आसन्न हार का डर है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वे (भाजपा) दावा कर रहे हैं कि वे जम्मू कश्मीर को एक हिंदू मुख्यमंत्री देंगे। वे जानते हैं कि अगर जम्मू कश्मीर में चुनाव हुए, तो वे बेनकाब हो जाएंगे।’’

अपने टेलीग्राम ऐप पर जनवादी नज़रिये से ताज़ा ख़बरें, समसामयिक मामलों की चर्चा और विश्लेषण, प्रतिरोध, आंदोलन और अन्य विश्लेषणात्मक वीडियो प्राप्त करें। न्यूज़क्लिक के टेलीग्राम चैनल की सदस्यता लें और हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित हर न्यूज़ स्टोरी का रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त करें।

टेलीग्राम पर न्यूज़क्लिक को सब्सक्राइब करें

Latest