दिल्ली; घर नहीं-दर नहीं, सड़कों पर पसरी ज़िंदगी पूछती है सवाल— कहां है आज़ादी उत्सव...
ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने यमुना खादर (यमुना तट से सटी हुई झुग्गी बस्तियों में आई अचानक बाढ़ से सड़कों पर रहने को मजबूर नागरिकों की दशा-दिशा पर ब्यौरा लिया। जब देश की सरकार आज़ादी के जश्न में डूबी है, तब कैसे ठोकरें खाकर रहने पर मजबूर हैं लोग।
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