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इज़रायली सेनाएं हर लम्हा फ़िलिस्तीन पर हमला कर रही हैं : अबीर अबू खदीर

अबीर अबू खदीर, नारीवादी कार्यकर्ता गाजा और यरूशलम में इज़रायली हमलों के बारे में अपनी चिंताओं को साझा कर रही हैं, क्योंकि फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध और आज़ादी के संघर्ष में उनका दृढ़ विश्वास अभी भी कायम है।
Abeer Abu
अबीर अबू खदीर (फोटो कैपिरे कातिर के माध्यम से)

अबीर अबू खदीर यरूशलम में रहती हैं। वे फ़िलिस्तीनी महिला समितियों की यूनियन (जिसे यूपीडब्ल्यूसी कहा जाता है) की सदस्य हैं, जो विश्व महिला मार्च (वर्ल्ड मार्च ऑफ वीमेन) का एक सदस्य संगठन है, जो फ़िलिस्तीनी महिलाओं के साथ उनके गांवों और समुदायों के अंदर प्रतिरोध का दैनिक कार्य करता है।

निम्नलिखित साक्षात्कार में, अबीर ने फ़िलिस्तीनी इलाकों पर हाल ही में बढ़े इज़रायली हमलों के बारे में कैपिरे से बात की। उनकी सशक्त गवाही इज़रायली हुकूमत द्वारा किए गए नरसंहार को रोकने की तात्कालिकता और फ़िलिस्तीनी जमीनी स्तर की आज़ादी और आत्मनिर्णय की जरूरत पर रोशनी डालती है। जैसा कि उन्होंने कहा, "कब्जा छोड़ना होगा," क्योंकि यह फ़िलिस्तीनी लोगों द्वारा अनुभव की जा रही निरंतर हिंसा, गरीबी और उत्पीड़न का कारण है।

अबीर अब 54 साल की हैं और वे 14 साल की उम्र से राजनीति में हैं। नारीवादी संगठन के साथ काम करना और जिसे वह "राजनीतिक परिवार" कहती हैं, उसका हिस्सा बनना, क्योंकि राजनीतिक उत्पीड़न उनके जीवन का हिस्सा रहा है: "मेरे पांच बच्चे हैं और मेरी शादी एक फ़िलिस्तीनी व्यक्ति से हुई है जिसे उसकी राजनीतिक गतिविधियों के कारण कई बार गिरफ्तार किया गया था। वह अपने जीवन के 17 साल जेल में बिता चुके हैं। मुझे भी इस कब्जे के तहत गिरफ्तार किया गया था, मेरी बेटी और मेरे बेटे को भी गिरफ्तार किया गया था, जो डेढ़ साल तक जेल में रहे थे और पिछले अक्टूबर में रिहा हुए थे।''

यह साक्षात्कार इज़राइल और फ़िलिस्तीन के बीच संघर्ष बढ़ने की शुरुआत के कुछ दिनों बाद, 10 अक्टूबर को अंकारा, तुर्की में विश्व महिला मार्च की 13वीं अंतर्राष्ट्रीय बैठक के दौरान लिया गया था। जब वे घर वापस आई, तो उनके घर पर छापा मारा गया और उनके डिजिटल/संचार उपकरण जब्त कर लिए गए थे। उनकी बेटी, वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता असला अबू खदीर को सोशल मीडिया पर गाजा की स्थिति के बारे में पोस्ट करने के बाद इजरायली सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद असला ने अपने सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल पर पोस्ट किया, “यह अफ़सोस की बात है कि एक निजी तथा अंतरंग पोस्ट के कारण मेरे ख़िलाफ़ कट्टर उत्तेजना पैदा की जा रही है। अपने सबसे बुरे सपने में भी मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं खुद को एक कट्टर प्रकृति की उथल-पुथल में पाऊंगी जो खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। असला और अबीर के परिवार के साथ जो हो रहा है वह व्यवस्थित धमकी, हिंसा और राजनीतिक उत्पीड़न का हिस्सा है जिसकी निंदा की जानी चाहिए और इसे रोका जाना चाहिए।

Capire : आप कैसी हैं? इस सप्ताह फ़िलिस्तीनी लोगों के ख़िलाफ़ इज़रायली हिंसा में हुई वृद्धि के दौरान घर से दूर रहना कैसा लगा, तब-जब हम यहाँ अंकारा, तुर्की में विश्व महिला मार्च की 13वीं अंतर्राष्ट्रीय बैठक में शामिल हैं?

अबीर अबू खदीर: हम इस बैठक में इसलिए आए क्योंकि हम अपना राजनीतिक काम करना चाहते हैं। सुबह हम उठे तो पता चला कि फ़िलिस्तीन में युद्ध शुरू हो गया है, जो हमारे यहाँ आने के बाद शुरू हुआ था। मुझे अपने बच्चों और पति के साथ रहने के लिए घर वापस जाने का मन कर रहा है। युद्ध गाजा में है, लेकिन यह सिर्फ गाजा तक सीमित नहीं है। वे हर दिन फ़िलिस्तीन पर हमला करते हैं। बहुत सारे लोग शहीद हुए हैं। जब युद्ध गाजा में शुरू होता है, तो अल-अक्सा मस्जिद के महत्व के कारण, यह यरूशलम को भी चपेट में ले लेता है।

पहले दिन इज़राइल ने हमारे सभी गांवों पर हमला कर दिया। मैंने सुना है कि वे यरूशलम में मेरे गांव शुआफ़ात जा रहे थे। ये सेटलर्स वास्तव में मेरे घर के करीब थे, और वे कार से गुज़र रहे किसी भी फ़िलिस्तीनी को गोली मार रहे थे। तो मैं चिंतित हो गई और रोने लगी और कहा कि, "मैं घर जाना चाहती हूं, कृपया मुझे  मेरे घर जाने दें।" उसके बाद, मैंने अपने परिवार से बात की और उन्होंने मुझे चिंतित न होने को कहा। मैं पांच बच्चों की मां हूं। उनमें से एक तेल-अवीव में काम करता है, इसलिए मैंने उससे कहा कि वह काम पर न जाए। उन्होंने कहा, "मां, चिंता मत करो, हम घर पर हैं, आप अपना ख्याल रखना, हम तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं।" मैंने अपनी बेटी के बारे में भी पूछा जो रामल्ला में काम करती है और मुझे पता था कि वह वहां फंस गई है और चौकी खुलने का इंतजार कर रही है। इज़राइल ने येरूशलम के आसपास की सभी चौकियां बंद कर दीं, जिससे लोग घर नहीं जा सके। मैं अपने परिवार और पूरे फ़िलिस्तीनी हालात के बारे में चिंतित हूँ। वे हर लम्हा गाजा पर हमले कर रहे हैं। उन्होंने गाजा को तबाह कर दिया है। 

सी: क्या आप कृपया फ़िलिस्तीनी महिला समितियों की यूनियन के बारे में परिचय दे सकती हैं?

एएके: यूपीडब्ल्यूसी में कई सदस्य हैं - अकेले यरूशलम के अंदर 300 से अधिक महिलाएं इसमें शामिल हैं। इन बुरे हालातों में भी हम सक्रिय हैं, साथ हैं। जब किसी को जेल से रिहा किया जाता है, तो हम महिला समिति की तरफ से उनसे मिलने जाते हैं। हम उन लोगों से भी मिलते हैं जिनके परिवार के सदस्य शहीद हुए हैं। हम महिलाओं को यह समझाने के लिए लेक्चर और नेतृत्व पाठ्यक्रम आयोजित कर रहे हैं, जिसमें उन्हे बताया जाता है कि वे अपनी जरूरतों के साथ-साथ इंसान भी हैं। पूरे फ़िलिस्तीन में सभी महिलाएँ दबाव में हैं। यूपीडब्ल्यूसी के उत्तर में रामल्ला, कल्किल्या, नब्लस, तुल्कर्म और जेनिन में केंद्र हैं; पश्चिम में, बेथलहम और हेब्रोन में; और मध्य में राजधानी यरूशलम है, जो हमारा पहला कार्यालय था, और जिसे दस साल पहले बंद कर दिया गया था।

पिछले साल, 2022 में, इज़राइल ने रामल्लाह में हमारे कार्यालय पर हमला किया था और हमारे और 5 अन्य फ़िलिस्तीनी मानवाधिकार केंद्रों को आतंकवादी सूची में डाल दिया था: जिसमें कृषि समिति, स्वास्थ्य समिति, अदमीर (जो कैदियों के साथ काम करता है), अल-हक (इज़रायली फ़िलिस्तीनी लोगों के ख़िलाफ़ क्या करते हैं उस पर रिसर्च करता है), डीसीआई (बच्चों पर काम करता है) शामिल है। यूपीडब्ल्यूसी खासतौर पर महिलाओं के साथ मानवीय कार्य करने वाला एकमात्र संगठन है। हम कई मामलों में महिलाओं की मदद करते हैं।

सी: यह संघर्ष हाल ही में शुरू नहीं हुआ। यह नया पल फ़िलिस्तीन पर इज़रायली कब्ज़े के इतिहास से कैसे जुड़ा है? आज जो हो रहा है उसे हम कैसे समझ सकते हैं?

एएके: यह पहली बार नहीं हुआ है जब इज़रायली सेना ने फ़िलिस्तीन को नष्ट किया है। इतने सालों में कई लोग मारे गए हैं। हर दिन, इजरायली पुलिस की मदद से, यरूशलम के अंदर बसे लोग अल-अक्सा मस्जिद में घुस जाते हैं और इसे नुकसान पहुंचाते हैं। उनसे कोई सवाल नहीं कर सकता है। उन्होंने वहां महिलाओं को मारा।  ऐसी कई तस्वीरें हैं जो साबित कर सकती हैं कि वे अल-अक्सा में इबादत करने वाली महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। इज़राइल को अल-अक्सा और वहां के लोगों पर उन सभी हमलों को रोकने के बारे में चेतावनी दी गई थी, जो कि वे सक्रिय रूप से उकसाने की प्रतिक्रिया थी।

और हम गाजा के हालात को नहीं भूल सकते हैं। उन्होंने गाजा को हर जगह से बंद कर दिया है और उस पर कब्ज़ा कर लिया है, ताकि लोग सांस न ले सकें। अगर किसी को अस्पताल की जरूरत भी पड़े तो वे उस शख्स को गाजा से बाहर जाने से मना कर देते हैं। गाजा बिना भोजन, बिना काम, बिना किसी भी सुबिधा के है। युवा अपनी मास्टर और डॉक्टरेट की डिग्री पूरी कर लेते हैं फिर भी उनकी जेब में कमाई का एक डॉलर भी नहीं होता है। गाजा पर दबाव इसी तरह का है। हम काम करना चाहते हैं, हम अन्य लोगों की तरह रहना चाहते हैं। हम क्यों घिरे हुए हैं?

गाजा में खेती ही उनका गुजर-बसर का ज़रिया है। उन्होंने गाजा के चारों ओर बसे सभी निवासियों को ठिकाने लगा दिया और गाजा की कृषि और भूमि को नष्ट कर दिया है।

हम इन हालात से काफी चिंतित हैं। गाजा खतरे में है। हम नहीं जानते कि यह कब रुकेगा और इसका हश्र क्या होगा। अब तक गाजा के अंदर हजारों फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। 

सी: युद्ध के बढ़ने का फिलिस्तीनी और मध्य पूर्वी महिलाओं के लिए क्या मतलब है?

एएके: हम, मध्य पूर्व की महिलाओं को, हमारे आसपास की सरकारों से समस्या है, लेकिन हमें वहां के लोगों से कोई समस्या नहीं है। सभी लोग फ़िलिस्तीनियों के साथ हैं। आप जॉर्डन, ट्यूनीशिया, मिस्र, मोरक्को, तुर्की, स्कॉटलैंड, लेबनान, वेनेजुएला, लैटिन अमेरिका, दुनिया भर में हर जगह इजरायली कब्जे के खिलाफ प्रदर्शन देख सकते हैं - यहां तक कि वाशिंगटन में भी एक बड़ा प्रदर्शन हुआ है। समस्या उन सरकारों के साथ है जो इज़राइल के साथ हैं, लेकिन लोग हमारे साथ हैं, वे लोग हमारे उद्देश्यों में विश्वास करते हैं और मानते हैं कि यह हमारी भूमि है।

सी: फ़िलिस्तीनी लोगों के खिलाफ इज़राइल की हुकूमत द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले उपनिवेशवाद के समकालीन तरीके क्या हैं?

एएके: कल, उन्होंने गाजा पर एक अवैध हथियार के रूप में फॉस्फोरस बम का इस्तेमाल किया। यह कई बीमारियों का कारण बनता है - पिछली बार जब उन्होंने इसका इस्तेमाल किया था, उसके बाद से कई महिलाओं को कैंसर हो गया था। अब, आप सुन सकते हैं कि उन्होंने सभी चौकियाँ बंद कर दीं हैं। कल, मैंने कुछ समाचार सुने जिसे किसी ने यरूशलम के अंदर से भेजा था। तो दो आदमी अपने घरों के पास रोटी खरीदने गए, वे फ़िलिस्तीनी इलाके में आगे थे न कि यहूदी इलाके में, और पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया, उनके पैसे, उनके फोन और जो कुछ भी उनके पास था, उसे छीन  लिया और फिर उन्हें मारा। उन्होंने कई सोशल मीडिया ग्रुप्स में एक मैसेज शेयर करते हुए कहा कि, 'हमारे साथ यह हुआ है और अपील की कि किसी को भी घर से बाहर मत निकलने दो।' इज़रायली पुलिस गाजा में जो कर रही है उसे यरूशलम के लोगों के साथ भी दोहराना चाहती है।

कल, यरूशलम के पास, दो लोगों ने एक प्रदर्शन में आतिशबाजी का इस्तेमाल किया। इसलिए उन्होंने उन्हें गोली मार दी। नब्लस के निकट हुवारा में उन्होंने एक व्यक्ति की हत्या कर दी। अल-खलील/हेब्रोन में भी उन्होंने लोगों को मार डाला। हर जगह, वे क़त्ल कर रहे हैं। वे किसी की चिंता या परवाह नहीं करते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका ने उन्हें गाजा को नष्ट करने की हरी झंडी दे दी है। क्यों? वहाँ बच्चे हैं, महिलाएं हैं, परिवार हैं। आपको उनसे क्या खतरा है? अब ये यरुशलम में भी ये बाड़ाबंदी कर रहे हैं। इज़राइल के लिए, यरूशलम एक यहूदी देश बनाने के धार्मिक सपने की कुंजी है। वे ऐसा कैसे करना चाहते हैं? वे ऐसा इसके अंदर रह रहे लोगों को अपने नियंत्रण में करके करना चाहते हैं। यरूशलम में कोई भी प्रवेश नहीं कर सकता है। न रोटी है, न भोजन, न सब्जी, कुछ भी नहीं है। जिसके पास कुछ होता भी है उसकी कीमत दोगुनी हो जाती है। हम "बेचारा गाजा" कहकर और अपना मुंह बंद करके इसे देखते हुए घर पर नहीं बैठ सकते है। लेकिन महिलाओं का बाहर जाकर लड़ना खतरनाक भी है। 

सी: आपने आंतरिक संचार का उल्लेख किया - जो हो रहा है उसे साझा करना, यह कहना कि, "वहां मत जाओ," "इस जगह पर मत जाओ..." क्या यह प्रतिरोध का एक रूप है?

एएके: हाँ। देखिए, मैं एक मां हूं, लेकिन अगर मेरा बेटा बाहर जाता है तो मैं उसे नियंत्रित नहीं कर सकती हूं। वह एक इंसान है। मेरे बेटे को दो साल पहले गिरफ्तार किया गया था, तब-जब उन्होंने शेख जर्राह गांव पर हमला किया था। मैं अपने बेटे से यह नहीं कह सकती कि "वहां मत जाओ," "अपने देश को मत बचाओ," क्योंकि मैं भी अपने बेटे की तरह सड़कों पर जा रही थी। मैंने अपना सारा जीवन यही करते हुए बिताया है। युद्ध के विरुद्ध होने के कारण मुझे दमिश्क गेट के सामने बैठने पर कई बार गिरफ्तार किया गया। यह सिर्फ मैं ही नहीं हूं। हम सड़कों पर उतरते हैं, हम अपने अधिकारों के लिए लड़ते हैं, हम कई मार्च और प्रदर्शन करते हैं।

अब सभी महिलाएं प्रदर्शनों के ज़रिए युद्ध के खिलाफ अपनी राजनीतिक अभिव्यक्ति के अधिकार का इस्तेमाल करती हैं। अब महिलाओं ने गाजा में लोगों की मदद करने के लिए धन और भोजन इकट्ठा करना शुरू कर दिया है, और उन लोगों के लिए कपड़े इकट्ठा करना शुरू कर दिया है जिनके घर तबाह हो गए हैं। आज 300,000 लोग विस्थापित हुए हैं [एक सप्ताह में दस लाख]। उन्हें अब मदद की ज़रूरत है।  फ़िलिस्तीनी महिला समितियों की यूनियन एक राष्ट्रीय संगठन है। यह सभी महिला यूनियनों का संगठन है। लेकिन, साथ ही, हर कोई, हम सभी, फ़िलिस्तीन के अंदर या दुनिया भर में, उन लोगों की मदद के लिए मिलकर काम कर सकते हैं जिन पर हमले हो रहे हैं। 

सी: फ़िलिस्तीनी आज़ादी और आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करने के लिए दुनिया भर के अन्य देशों के नारीवादियों के क्या कार्य हैं?

एएके: अंतर्राष्ट्रीय समर्थन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जैसा कि मैंने आपको बताया, जब मैंने समाचार सुना, तो मुझे पता चला कि अधिकांश सरकारें इज़राइल के साथ हैं: ब्रिटिश, फ्रांसीसी, यूरोपीयन यूनियन, ये सभी फ़िलिस्तीन के खिलाफ हैं। लेकिन मुझे यकीन है कि लोग और सामाजिक आंदोलन हमारे साथ हैं। उदाहरण के लिए, मैं फ़िलिस्तीन का समर्थन करते हुए महिलाओं के विश्व मार्च और ला वाया कैम्पेसिना को देख सकती हूँ। सभी महिला संगठनों, सभी आंदोलनों, फ़िलिस्तीन के लिए काम करने वाली महिलाओं और पुरुषों को धन्यवाद। कैपिरे को भी धन्यवाद, जो हमेशा फ़िलिस्तीन के बारे में लिखना चाहता है। भाषा की चुनौती है, लेकिन चिंता न करें - हमारे पास इसे लिखने और अनुवाद करने वाली कई अधिक महिलाएँ हैं। 

कब्ज़ा छोड़ना होगा। यह हमारी सर-ज़मीन है। इसलिए मैं इस कब्जे को खत्म करने के लिए अपने जीवन के अंत तक लड़ूंगी। और यदि मैं ऐसा होते हुए नहीं देख पाई तो मुझे उम्मीद है कि मेरे बच्चे इसे देख सकेंगे और अपनी सर-ज़मीन के लिए लड़ सकेंगे।

यह लेख मूल रूप से Capire पर प्रकाशित हुआ था।

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