Skip to main content
xआप एक स्वतंत्र और सवाल पूछने वाले मीडिया के हक़दार हैं। हमें आप जैसे पाठक चाहिए। स्वतंत्र और बेबाक मीडिया का समर्थन करें।

राजस्थान पेपर लीक: परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए कितनी मुश्किल है ये घड़ी?

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में बीते कुछ सालों में कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। हर बार कार्रवाई और कुछ गिरफ्तारियां हुई लेकिन ये सिलसिला अभी तक बदस्तूर जारी है।
rajasthan paper leak
फ़ोटो साभार: पीटीआई

राजस्थान परीक्षाओं के पेपर लीक को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला राज्य में सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी का है। ये परीक्षा बीते शनिवार यानी 24 दिसंबर को होनी थी, लेकिन परीक्षा के ठीक पहले ही उदयपुर के एक बस से परीक्षा के पेपर बरामद हुए, इसके बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने परीक्षा रद्द कर दी। जिसे लेकर अब छात्र और युवा संगठन प्रदेशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने अभी करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया है और पूछ-ताछ जारी है। तो वहीं युवा सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।

जयपुर में शिक्षक भर्ती की परीक्षा देने पहुंचे पुष्कर के एक अभ्यार्थी राहुल ने न्यूज़क्लिक को बताया कि वो करीब 5 हजार रुपये लगाकर परीक्षा देने पहुंचे थे। लेकिन परीक्षा शुरू हुए महज़ 10 मिनट बाद ही पता लगा कि पेपर लीक हो गया है और परीक्षा रद्द कर दी गई है। राहुल के मुताबिक ये उनके साथ तीसरी बार हुआ है जब उनकी परीक्षा में गड़बड़ी सामने आई है।

राहुल बताते हैं, “राजस्थान में ये लगभग अब हर परीक्षा के साथ होने लगा है कि या तो पेपर लीक हो जाता है, या बाद में घोटला सामने आता है और परीक्षा रद्द हो जाती है। रीट का यही हाल था, वनरक्षक परीक्षा के साथ यही हुआ। अब ये हमारे लिए बार-बार मानसिक प्रताड़ना बन चुकी है। अब तो लगता है किसी परीक्षा की तैयारी भी करे या नहीं?”

बार-बार पेपर लीक अवसाद का कारण बनता जा रहा है

राहुल की तरह ही सीकर से दौसा पेपर देने पहुंची मधु कहती हैं कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। हर बार का यही हो गया है कि पेपर लीक होते हैं, फिर कार्यवाही होती है और फिर एक और पेपर लीक हो जाता है। अब तो राज्य के सभी युवाओं का सवाल है कि क्या सरकार वाकई इन परीक्षाओं के लिए गंभीर भी है या सिर्फ दिखावा ही कर रही है?

मधु के मुताबिक, "बीते साल राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा, इस साल राजस्थान राज्य अधीनस्थ सेवा बोर्ड की परीक्षा, राजस्थान पुलिस भर्ती परीक्षा, जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा समेत तमाम परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। ऐसे में कई अभ्यार्थी जो सालों से तैयारी कर रहे हैं वो अवसाद का शिकार हो रहे हैं क्योंकि उनकी आयु भी निकली जा रही है, घर से प्रेशर भी बढ़ रहा है। कोई करें, तो क्या करे।"

बता दें कि राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में पिछले कुछ सालों में कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए। हर बार कार्रवाई और कुछ गिरफ्तारियां हुई लेकिन ये सिलसिला अभी तक बदस्तूर जारी है। बीते महीने वनपाल एवं वनरक्षक भर्ती की परीक्षा हुई थी। परीक्षा देने के बाद अभ्यर्थी घर पहुंचे तो पता चला कि सोशल मीडिया पर आंसर शीट वायरल है। पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया और फिर12 नवंबर को हुई दूसरी पारी की परीक्षा को रद्द कर दिया गया। इसी तरह लोअर डिविजन क्लर्क के 1760 पदों के लिए हुई परीक्षा को धांधली की शिकायतों के बाद राजस्थान हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया था। इसी साल राजस्थान पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा और REET लेवल 2 की परीक्षा भी गड़बड़ी के चलते रद्द कर दी गई थी।

इसे भी पढ़ें: राजस्थान: भर्ती परीक्षाओं में बार-बार धांधली, कौन देगा जवाब

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के मुताबिक शनिवार यानी 24 दिसंबर को राज्य में सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा होनी थी। लेकिन ठीक परीक्षा शुरू होने से पहले ही परीक्षा का पेपर लीक हो गया। खबरों की मानें तो, उदयपुर में 40 अभ्यर्थी बस में पेपर सॉल्व करते पकड़े गए। इसे लेकर अजमेर, उदयपुर, अलवर समेत राज्यभर में छात्रों ने हंगामा और प्रदर्शन किया। इसके बाद आनन-फानन में सुबह नौ बजे एग्जाम शुरू होने से ठीक पहले पेपर को रद्द कर दिया गया। और परीक्षा की नई तारीख 29 जनवरी तय कर दी गई।

बताया जा रहा है कि इस पेपर को करीब चार लाख अभ्यर्थी देने वाले थे। इस अध्यापक भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को दो एग्जाम देने होते हैं। पहला एग्जाम सामान्य ज्ञान यानी जीके का होता है जो सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य होता है। दूसरा एग्जाम उस विषय (हिन्दी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, शिक्षा मनोविज्ञान, ऊर्दू और अन्य) का होता है जिसके लिए अभ्यर्थी ने अप्लाई किया हो। अब सवाल है कि एक पेपर लीक होने से परीक्षा में बैठे अभ्यर्थियों के दिल और दिमाग पर क्या असर पड़ा होगा।

सालासर की रहने वाली उषा बताती हैं कि बड़ी मुश्किल से दो दिन से परेशान होकर वो जयपुर पेपर देने के लिए पहुंचीं थी और जब उन्हें पता लगा कि पेपर ही नहीं होगा, तो वो पूरी तरह टूट गईं। वो कहती हैं कि सरकार पहले ही सावधानी क्यों नहीं रखती इन परिक्षाओं को लेकर, जब उसे पता है कि बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं। सरकार एक पेपर को रद्द करके दूसरे पेपर को नार्मल करने की बात कैसे कर सकती है।

उषा ने कहा कि पेपर रद्द होने के बाद जब गुस्स से छात्र प्रदर्शन करने लगे तो पुलिस ने बड़ी बद्तमिजी से सभी को यहां से भगा दिया। उषा के अनुसार कुछ राजनीतिक दल के लोग भी पेपर रद्द होने की खबर के बाद की सेंटर्स पर पहुंच कर हंगामा करने लगे थे, जिस पर पुलिस और सख्त हो गई और पूरा माहौल अफरा-तफरी का बन गया।

प्रदेशभर में भारी विरोध प्रदर्शन

यहां ध्यान रहे कि शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद प्रदेशभर में भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिलें। जयपुर में बीजेपी युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला के घर के मेन गेट पर ताला लगा दिया। सड़क जाम करने की भी कोशिश की। पुलिस के यहां लाठीचार्ज और युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने की भी खबर थी।

बेरोजगार एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव ने मीडिया से कहा कि प्रदेश में बीते चार साल में एक दर्जन से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं, जिसकी वजह से युवा अवसाद में जा रहा है। राजस्थान में आरपीएससी के पेपर लीक होना अब एक आम बात हो चुकी है। लेकिन पेपर माफिया नेताओं की पनाह में काम कर रहे हैं और हर बार बच जाते हैं।

उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा, "आगामी दिनों में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा समान पात्रता परीक्षा जैसी बड़ी परीक्षाओं के आयोजन होने हैं। यही स्थिति बनी रही तो क्या ये परीक्षाएं सुरक्षित रह पाएंगी? उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि तत्काल पेपर लीक करने वाले अपराधियों को जेल में डाला जाए और नए कानून के तहत कार्रवाई की जाए।"

गौरतलब है कि राज्य की गहलोत सरकार ने नकल कराने में लिप्त आपराधिक तत्वों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई करने पर विचार करने की बात कही है। मुख्यमंत्री गहलोत ने खुद पेपर लीक को दुर्भाग्यपूर्ण मानते हुए दूसरे राज्यों की ओर भी देखने का इशारा किया। हालांकि ये सिर्फ राजस्थान का हाल नहीं बल्कि देश के कई अन्य हिस्सों की भी सच्चाई है। लेकिन एक सच्चाई ये भी है कि युवाओं के भविष्य को लेकर बड़े-बड़े दावे और वादे करने वाली कांग्रेस और बीजेपी की सरकारें एक जैसी ही हैं। राजनीति के अलावा किसी को उन अभ्यार्थियों की नहीं पड़ी, जो सालों-साल सरकारी नौकरी के इंतजार में तैयारी कर पेपर पर पेपर देते रह जाते हैं और कुछ लोग चंद पैसों के लालच में उनकी मेहनत पर पानी फेर जाते हैं। अगर परीक्षाओं की गोपनीयता पर करोड़ों खर्च होने के बावजूद पेपर लीक हो जाता है तो ऐसे में सरकार पर सवाल उठना लाजमी है।

इसे भी पढ़ें: यूपी: भर्ती और नियुक्ति घोटाले के बीच योगी सरकार पर लगातार उठते सवाल!

अपने टेलीग्राम ऐप पर जनवादी नज़रिये से ताज़ा ख़बरें, समसामयिक मामलों की चर्चा और विश्लेषण, प्रतिरोध, आंदोलन और अन्य विश्लेषणात्मक वीडियो प्राप्त करें। न्यूज़क्लिक के टेलीग्राम चैनल की सदस्यता लें और हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित हर न्यूज़ स्टोरी का रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त करें।

टेलीग्राम पर न्यूज़क्लिक को सब्सक्राइब करें

Latest