Skip to main content
xआप एक स्वतंत्र और सवाल पूछने वाले मीडिया के हक़दार हैं। हमें आप जैसे पाठक चाहिए। स्वतंत्र और बेबाक मीडिया का समर्थन करें।

जी-20 में शिशु देखरेख एवं विकास को प्राथमिकता देने के लिए परिचर्चा आयोजित

भारत जी 20 की अध्यक्षता कर रहा है और जी 20 में ‘महिला नेतृत्व विकास‘ मुख्य प्रतिबद्धताओं में एक है जिसमें महिलाओं के लिए समानता और गरिमा के साथ आगे बढ़ने के अवसरों की परिकल्पना है।
G20

जी-20 में शिशु देखरेख एवं विकास को प्राथमिकता हेतु नेशनल फोर्सेस द्वारा (फोरम फॉर क्रैस एंड चाइल्ड केयर सर्विसेस) एक राष्ट्रीय परिचर्चा का आयोजन 28 मार्च 2023 को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में किया गया।

भारत जी 20 की अध्यक्षता कर रहा है और जी 20 में ‘महिला नेतृत्व विकास‘ मुख्य प्रतिबद्धताओं में एक है जिसमें महिलाओं के लिए समानता और गरिमा के साथ आगे बढ़ने के अवसरों की परिकल्पना है। इसी संदर्भ के साथ परिचर्चा के उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता, उमा महादेवन, आई.ए.एस, अतिरिक्त मुख्य सचिव, कर्नाटक सरकार एवं वासंथी रमन, अध्यक्षा, सी.डब्ल्यू.डी.एस ने अपने वक्तव्य में कहा कि ‘प्रारंभिक बाल देखरेख प्रावधानों पर उचित ध्यान देने और निवेश से महिलाओं की भागीदारी कार्यबल में बढ़ेगी एवं अर्थव्यवस्था में वृद्धि होगी साथ ही बच्चों का संपूर्ण विकास भी सुनिश्चित हो पाएगा‘। देश में एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय देखभाल नीति विकसित होनी चाहिए जो महिलाओं की कार्यबल भागीदारी को सक्षम करने एवं बाल देखभाल को केंद्रित हो।

महिलाओं की कार्यबल भागीदारी में कमी और बाल देखरेख प्रावधानों की अपर्याप्ता के बीच संबंध पर चर्चा में मुख्य कारण निकले है, जैसे राज्यों में पितृसत्ता, देखभाल कार्यों में लगी महिलाओं के कार्य को मान्यता न मिलना और उनका अवैतनिक कार्य, बच्चों की देखभाल के पर्याप्त प्रावधान न होना, बच्चों के लिए निरंतर निवेश में कमी, सरकार का बुनियादी ढांचों के निर्माण पर अधिक बल देना जबकि मानव संसाधन पर भी उचित निवेश की जरूरत है। सत्र के दौरान चुनौतियों के समाधान भी सामने आए जैसे असंगठित क्षेत्र में कार्यस्थल पर शिशु देखभाल की व्यवस्था, सरकार की ओर से बच्चों के लिए अलग से योजना और प्रावधान, शिशु देखभाल की जिम्मेदारी केवल महिला की न होकर परिवार और सरकार की होनी चाहिए। इस सत्र मे प्रतिष्ठित वक्ता, रीतु देवान, उप अध्यक्ष, इंडियन सोसाइटी फॉर लेबर इकॉनोमिक और पूर्व अध्यक्ष, दी इंडियन एसोसिएशन ऑफ वूमन्स स्टडी, साक्षी खुराना, वरिष्ठ विशेषज्ञा कौशल विकास, श्रम एवं रोजगार, नीति आयोग, सुनैना कुमार, कार्यकारिणी निर्देशिका, थींक 20 भारत सचिवालय एवं सत्र संचालक सुमित्रा मिश्रा, कार्यकारिणी निदेषिका, मोबाइल क्रैसेज की भागीदारी थी।

महिलाओं और बच्चों से संबंधित नीतिगत प्राथमिकताओं के संदर्भ में मौजूद अंतर्संबंधों को उभारना इस चर्चा में सामने आया। साथ ही वक्ताओं ने ये भी कहा कि शिशु देखभाल से संबंधित नीतियों को सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण से होना चाहिए। प्राइवेट सेक्टर अब समझने लगा है कि महिला सशक्तिकरण जरूरी है और शिशु देखरेख एवं विकास केवल महिलाओं की ही जिम्मेदारी नहीं है। इसमें परिवार, समाज और सरकार सभी को पहल करने की आवश्यकता है। सामूहिक पहल के बिना महिलाओं की कार्यबल में समान भागीदारी और बच्चों के संपूर्ण विकास की परिकल्पना अधूरी है। सत्र वक्ता मोबाइल क्रैसेज की कार्यकारिणी निर्देशिका सुमित्रा मिश्रा द्वारा कार्यक्रम को संबोधित किया गया।

भारत के अलग-अलग नेशनल फोर्सेस के 10 राज्यों से 70 प्रतिनिधि एवं विशेषज्ञ की भागीदारी रही। परिचर्चा के अंत में तय हुआ कि चर्चा से निकले सुझाव और सिफारिशों को आगे इस फोर्सेस के स्टेट चैप्टर के साथ विभिन्न स्तरों पर जी 20 जनादेश के साथ लगातार जुड़ाव के लिए एक स्पष्ट रोड मैप तैयार किया जाएगा ताकि देखभाल अर्थव्यवस्था महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए बाधाओं से निपटने के लिए प्राथमिकता वाला क्षेत्र बन सके।

अपने टेलीग्राम ऐप पर जनवादी नज़रिये से ताज़ा ख़बरें, समसामयिक मामलों की चर्चा और विश्लेषण, प्रतिरोध, आंदोलन और अन्य विश्लेषणात्मक वीडियो प्राप्त करें। न्यूज़क्लिक के टेलीग्राम चैनल की सदस्यता लें और हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित हर न्यूज़ स्टोरी का रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त करें।

टेलीग्राम पर न्यूज़क्लिक को सब्सक्राइब करें

Latest