Skip to main content
xआप एक स्वतंत्र और सवाल पूछने वाले मीडिया के हक़दार हैं। हमें आप जैसे पाठक चाहिए। स्वतंत्र और बेबाक मीडिया का समर्थन करें।

DU: महीने भर बाद परीक्षाएं लेकिन अभी तक SOL छात्रों को नहीं मिला स्टडी मटेरियल

छात्रों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। बिना कक्षाओं और स्टडी मटेरियल के छात्रों के बड़ी संख्या में फेल होने की ज़मीन तैयार की जा रही है।
DU Student Protest

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) में प्रशासन द्वारा बिना तैयारी के समेस्टर परीक्षाओं की घोषणा से विद्यार्थियों में काफी चिंता और रोष है। क्रांतिकारी युवा संगठन के नेतृत्व में बीते रविवार, 29 अक्टूबर को सैकड़ों एसओएल छात्रों ने आर्ट्स फैकल्टी से डीयू एसओएल बिल्डिंग तक रैली निकाली। संगठन का कहना है कि अगर अभी भी प्रशासन नींद से नहीं जागता तो छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन और तेज़ करेंगे।

विरोध कर रहे छात्रों ने न्यूज़क्लिक को बताया कि प्रशासन का आनन-फानन में परीक्षाओं को लेकर किया गया फैसला लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करेगा। सेमेस्टर सिस्टम के तहत अगले करीब एक महीने बाद से एसओएल की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं लेकिन अभी तक सभी छात्रों को स्टडी मटेरियल ही नहीं मिला है। कक्षाएं नियमित रूप से नहीं लग रही हैं। ऐसे में छात्र कैसे परीक्षा देंगें।

सेमेस्टर परीक्षाओं को सिलेबस पूरा होने तक टालने की मांग

छात्र संघ क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में भारी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में आगामी सेमेस्टर परीक्षाओं को सिलेबस पूरा होने तक टालने की मांग की। साथ ही एसओएल के छात्रों को भी रेगुलर छात्रों की तर्ज पर सुविधाएं मुहैया कराने की गुहार लगाई।

केवाईएस के राज्य समिति सदस्य भीम ने न्यूज़क्लिक को जानकारी दी कि उन्होंने डीयू प्रशासन द्वारा सेमेस्टर सिस्टम लागू करने से लेकर अब तक एसओएल छात्रों के साथ हो रहे भेदभाव, तमाम प्रावधानों की अनदेखी और छात्रों की समस्याओं को लेकर कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही उनके हाथ लगा।

भीम ने बताया कि यूजीसी के नियमों के मुताबिक छात्रों को प्रवेश लेने के दो सप्ताह के भीतर ही स्टडी मटेरियल अनिवार्य रूप से दिया जाना चाहिए। लेकिन यहां बड़ी संख्या में छात्रों के पास स्टडी मटेरियल ही नहीं है। जिन कुछ छात्रों को ये उपलब्ध करवाया गया है, वो भी पूरा नहीं है। इसके अलावा कई अन्य समस्याएं भी हैं, जैसे कक्षाओं की कम संख्या, खराब कक्षा-शिक्षण और सुविधाओं की कमी।

एसओएल में अव्यवस्था, अधूरी कक्षाएं

बता दें कि एसओएल में अव्यवस्था, अधूरी कक्षाएं और परीक्षा से पहले स्टडी मटेरियल न मिलने का मुद्दे पहली बार सामने नहीं आया। ये बीते कई सालों से हर बार की कहानी बन गया है। इस संबंध में केवाईएस और एसओएल छात्रों ने एसओएल और डीयू प्रशासन को कई ज्ञापन भी सौंपे हैं। हालांकि यह समस्याएं फिर भी जारी हैं, और स्थिति बद-से-बदतर होती जा रही हैं।

कई एसओएल छात्र बताते हैं कि प्रशासन द्वारा अभी तक बीए प्रोग्राम के दूसरे सेमेस्टर के परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं। इसके अलावा बीए राजनीति विज्ञान (ऑनर्स) के छात्रों को अभी भी तीसरे सेमेस्टर में एडमिशन नहीं दिया गया, जबकि उनकी परीक्षाएं एक महीने में शुरू होनी है। छात्रों के अनुसार डीयू प्रशासन की इतनी उदासीनता है कि छात्रों को ये भी नहीं पता कि परीक्षा शुरू होने से पहले उन्हें तीसरे सेमेस्टर में प्रवेश दिया जाएगा या नहीं।

लाखों छात्रों का भविष्य ख़तरे में

छात्रों का कहना है कि डीयू प्रशासन लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। छात्र सेमेस्टर मोड और सिलेबस से पहले ही जूझ रहे हैं। क्योंकि सेमेस्टर सिस्टम को प्रशासन की ओर से बिना किसी तैयारी के अचानक स्टूडेंट्स पर थोपा दिया गया था। फिर कोरोना ने वैसे ही सब पर ग्रहण लगा दिया और फिर अव्यवस्था इनके राय में एक बड़ा रोड़ा बन गई। ऐसे में एक बार फिर बिना तैयारी के परीक्षाएं से लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में आ गया है।

गौरतलब है कि बीते लंबे समय से एसओएल छात्र सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जहां रेगुलर छात्रों के पास रेगुलर कक्षाएं, बेहतर लाइब्ररी, आल रूट बस पास जैसी तमाम सुविधाएं हैं तो वहीं एसओएल छात्रों को अनियमित और अव्यवस्थित कक्षाओं, लाइब्ररी की कमी, स्टडी मेटेरियल में गड़बड़ियाँ और लेट रिज़ल्ट संबंधी तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में परीक्षाओं से पूर्व छात्रों के लिए जरूरी मूलभूत सुविधायेँ सुनिश्चित नहीं करने से इस सत्र में भारी अव्यवस्था देखने को मिली है, जिसका खामियाजा अंत में छात्रों को ही भुगतना पड़ेगा। ऐसे में ये देखना होगा की प्रशासन और छात्रों के बीच कैसे तालमेल बैठता है और दिल्ली विश्वविद्यालय कैसे तमाम सुविधाओं और व्यवस्था को सुनिश्चित करता है।

अपने टेलीग्राम ऐप पर जनवादी नज़रिये से ताज़ा ख़बरें, समसामयिक मामलों की चर्चा और विश्लेषण, प्रतिरोध, आंदोलन और अन्य विश्लेषणात्मक वीडियो प्राप्त करें। न्यूज़क्लिक के टेलीग्राम चैनल की सदस्यता लें और हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित हर न्यूज़ स्टोरी का रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त करें।

टेलीग्राम पर न्यूज़क्लिक को सब्सक्राइब करें

Latest