Skip to main content
xआप एक स्वतंत्र और सवाल पूछने वाले मीडिया के हक़दार हैं। हमें आप जैसे पाठक चाहिए। स्वतंत्र और बेबाक मीडिया का समर्थन करें।

महाराष्ट्र: महिला सुरक्षा को लेकर कितनी चिंतित है सरकार?

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सभी दल एक-दूसरे पर विफल होने का ठप्पा लगाना चाहते हैं लेकिन अपने राज्य के अंदर महिलाओं की स्थिति पर कोई नहीं झांकना चाहता।
stop rape
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

महाराष्ट्र में कथित तौर पर एक 15 साल की लड़की का आठ महीने तक 29 लोग बलात्कार करते रहे, अश्लील वीडियो के जरिये उसे ब्लैकमेल करते रहे लेकिन किसी को कानों-कान खबर तक नहीं लगी। ये हाल सिर्फ एक राज्य की नहीं है, बल्कि आए दिन देश के किसी न किसी इलाके से ऐसी दिल दहला देने वाली खबरें अब आम हो गई हैं। आंकड़ों में भले ही दुष्कर्म के कम मामले रिपोर्ट हो रहे हों लेकिन असल तस्वीर पहले से भी बदतर ही दिखाई पड़ती है।

बता दें कि अभी कुछ दिनों पहले ही मुंबई के साकीनाका के ख़ैरानी रोड इलाक़े में बलात्कार का शिकार हुई 30 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद मामले में जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया, फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश दिये गए। हालांकि इसके बाद भी कुछ खास बदला नहीं और अब फिर एक नया मामला सामने आ गया।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया में आई जानकारी के मुताबिक ठाणे जिला के डोंबिवली इलाके में 15 साल की एक नाबालिग लड़की के साथ आठ महीनों में कई बार कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया। ये कथित घटनाएं इस साल 29 जनवरी और 22 सितंबर के बीच डोम्बिवली, बदलापुर, मुर्बाद और रबाले समेत अलग-अलग स्थानों पर हुईं। इस मामले में पुलिस ने 29 लोगों के खिलाफ रेप, अपहरण और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोप के मुताबिक, शुरुआत में एक आरोपी ने बलात्कार का वीडियो बना लिया था, उसी के सहारे ब्लैकमेल करके बाकी लोगों ने बच्ची का रेप किया। फिलहाल आरोपित 26 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, वहीं तीन अन्य की तलाश की जारी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस अधिकारी उन जगहों पर भी पहुंचकर जांच कर रहे हैं जहां-जहां पर बच्ची का बलात्कार हुआ। फॉरेंसिक टीम इन जगहों से सैम्पल इकट्ठे कर रही है। पुलिस उस वीडियो की तलाश में जुटी है जिसके आधार पर नाबालिग बच्ची को ब्लैकमेल किया जा रहा था और बाकी आरोपियों की भी तलाश जारी है।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची का कलवा गवर्नमेंट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। अभी उसकी हालत स्थिर है। पीड़िता की शिकायत के बाद पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस का क्या कहना है?

ठाणे के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस दत्तात्रेय कराले ने बताया कि 22 सितंबर की रात पीड़िता ने डोंबिवली के मानपाड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने बताया कि मुख्य आरोपी पीड़िता का दोस्त था। जनवरी में उसने पीड़िता का रेप किया था और इस दौरान उसका वीडियो भी बनाया था। इसी वीडियो के आधार पर नाबालिग लड़की को ब्लैकमेल कर उसका रेप किया गया। सभी आरोपी पीड़िता के दोस्त के जानने वाले थे और आसपास ही रहते थे।

एसीपी दत्तात्रेय कराले ने बताया, “हमने तुरंत एक विशेष अभियान चलाया और 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया जिसमें दो नाबालिग शामिल थे। इसमें शामिल ज़्यादातर आरोपी पीड़िता को जानते थे। गैंगरेप और POCSO के तहत मामला दर्ज कर किया गया है। एसीपी सोनाली डोले इस मामले की इंवेस्टिगेटिंग ऑफिसर (IO) हैं। डीसीपी सचिन गुंजाल और मैं मामले की बारीकी से निगरानी करेंगे।”

विपक्ष ने की कड़ी सज़ा की मांग

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले पर चिंता जाहिर करते हुए ट्वीट किया, "यह खबर सुन कर व्यथित हूं। महिलाओं के साथ हिंसा की घटनाओं में बढ़ोतरी बहुत चिंतित करने वाली है। महाराष्ट्र सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए की ये दोबरा न हो। हम दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा देने की मांग करते हैं।”

बता दें कि महाराष्ट्र से ऐसी दर्दनाक घटनाएं सामने आती रही हैं। अभी हाल ही में पुणे में सड़क किनारे खड़े होकर ऑटोरिक्शा का इंतजार कर रही एक 14 साल की नाबालिग को कुछ लोग अपने साथ उठा ले गए थे और पांच अलग-अलग जगह ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किया था। हालांकि बाद में पुणे पुलिस ने इस मामले में 14 लोगों को अरेस्ट किया था, इसमें 11 ऑटो ड्राइवर और दो रेलवे के कर्मचारी भी शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों में एक पीड़िता का दोस्त भी शामिल था।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले उत्तर मुंबई संसदीय क्षेत्र के वार्ड संख्या-16 के बीजेपी नगरसेविका कार्यालय में एक महिला के यौन उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला भी सामने आया था। इस मामले में आरोपी बीजेपी के स्थानीय वार्ड अध्यक्ष प्रतिक सालवी है। वारदात 15 अगस्त को हुई थी और अब पीड़िता द्वारा केस दर्ज करवाने के बाद मामले का खुलासा हुआ है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि सालवी ने कार्यालय में बुलाकर उसके साथ अश्लील हरकत की है। पीड़िता का आरोप है कि उसने इस बात की शिकायत स्थानीय विधायक से भी की थी, लेकिन उन्होंने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया।

महिलाओं की सुरक्षा और राजनीति

गौरतलब है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और खासतौर पर महिला सुरक्षा को लेकर राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बीच पत्र युद्ध चल रहा है। हाल ही में मुंबई के साकीनाका में हुई दुष्कर्म की घटना के बाद बीजेपी की महिला विधायकों की मांग पर राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से विधानसभा का 2 दिवसीय विशेष सत्र बुलाने को लेकर पत्र लिखा था। इसके जवाब में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने पत्र में कहा कि राज्यपाल को बीजेपी शासित राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा और उन पर बढ़ते हमलों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद का 4 दिनों का सत्र बुलाने के लिए केंद्र से अनुरोध करना चाहिए। इसके लिए राज्यपाल प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखें। ठाकरे ने राज्यपाल को लिखे अपने पत्र में कोश्यारी के गृहराज्य उत्तराखंड सहित बीजेपी शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के आंकड़े दिए हैं।

बहरहाल, आरोप-प्रत्यारोप से इतर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कोई सरकार गंभीर नहीं नज़र आती। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े देखें तो 2020 में देशभर में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 3,71,503 केस दर्ज किए गए। दुष्कर्म के 28 हजार 46 केस दर्ज किए गए। यानी, हर दिन औसतन दुष्कर्म के 77 केस दर्ज किए गए। इन आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा रेप केस के मामलों में राजस्थान टॉप पर रहा, जहां 5 हजार 310 केस दर्ज हुए। यहां कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार है तो वहीं दूसरे नंबर पर यूपी रहा, जहां 2 हजार 796 मामले रिपोर्ट हुए। यहां बीजेपी की योगी आदित्यनाथ सरकार है तो वहीं तीसरे नंबर पर भी बीजेपी शासित राज्य मध्यप्रदेश है, जहां कुल 2,339 केस दर्ज हुए।

महाराष्ट्र की बात करें तो ये एनसीआरबी की लिस्ट में चौथे नंबर पर है। यहां बीते साल कुल 2,061 मामले पुलिस में रिपोर्ट हुए। कुल मिलाकर देखें तो इन राज्यों में सरकारें बीजेपी, कांग्रेस और शिवसेना, एनसीपी की हैं लेकिन कोई महिलाओं के मुद्दे पर अपने राज्य में गंभीर नहीं नज़र आता। सब एक-दूसरे पर विफल होने का ठप्पा लगाना चाहते हैं लेकिन अपने राज्य के अंदर महिलाओं की स्थिति पर कोई नहीं झांकना चाहता।

अपने टेलीग्राम ऐप पर जनवादी नज़रिये से ताज़ा ख़बरें, समसामयिक मामलों की चर्चा और विश्लेषण, प्रतिरोध, आंदोलन और अन्य विश्लेषणात्मक वीडियो प्राप्त करें। न्यूज़क्लिक के टेलीग्राम चैनल की सदस्यता लें और हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित हर न्यूज़ स्टोरी का रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त करें।

टेलीग्राम पर न्यूज़क्लिक को सब्सक्राइब करें

Latest