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कोविड मैनेजमेंटः भाजपा का प्रचार और सच्चाई

हाल ही में भाजपा ने X (ट्विटर) पर एक वीडियो साझा किया है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारत कभी हाशिये पर होता था, आज विश्व को नई राह दिखा रहा है।
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भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अन्य मंत्रीगण और भाजपा का पूरा प्रचार तंत्र लगातार कोविड मैनेजमेंट को लेकर दावे करता रहता है। चुनाव से पहले इस प्रकार का प्रचार और भी जोर-शोर से होना स्वाभाविक है। हाल ही में भाजपा ने X (ट्विटर) पर एक वीडियो साझा किया है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारत कभी हाशिये पर होता था, आज विश्व को नई राह दिखा रहा है। “रियल स्टोरी” नाम के इस प्रोपगेंडा शो में ऋचा अनिरुद्ध ने भाजपा सरकार के कोविड मैनेजमेंट की प्रशंसा करते हुए दावा किया कि “भारत में कोरोना से मरने वालों की संख्या कई विकसित और विकासशील देशों से भी बहुत ही कम रही।”

अब सवाल उठता है कि क्या ये दावा सही है? क्या सचमुच में भारत में कोरोना से विकसित और विकासशील देशों की तुलना में बहुत कम मौतें हुई हैं? आखिर भारत कोरोना मैनेजमेंट, कोरोना से मौत और कोविड केसों के मामले में विश्व में किस पायदान पर है? आइये, पड़ताल करते हैं।

कोविड से मौत के मामलों में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार पिछले तीन सालों में पूरी दुनिया में कोविड के 76,98,06,130 मामले अब तक दर्ज किए गए हैं। इस दौरान दुनिया में कोविड से 69,55,497 लोगों की मौत हुई है। कोविड से मौत के मामलों में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार भारत में कोविड से 5,31,925 लोगों की मौत हुई है और कोविड से मौत के मामलों में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है। कोविड से मौत के मामलों में पहले स्थान पर अमेरिका और दूसरे स्थान पर ब्राजील है। कोविड से अमेरिका में 11,27,152 और ब्राजील में 7,04,659 लोगों की मौत हुई है।

कोविड के कुल मामलों के हिसाब से भी भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है। विश्व में अब तक कोविड के कुल 76,98,06,130 मामले दर्ज किए गए हैं। सबसे ज्यादा यानी 10,34,36,829 मामले अमेरिका में दर्ज किए गए हैं। दूसरे स्थान पर चीन हैं, जहां कोविड के कुल 9,93,02,177 मामले दर्ज किए गए हैं और तीसरे स्थान पर भारत है जहां कोविड के 4,49,96,599 मामले दर्ज किए गए हैं।

क्या भारत में विकसित देशों की तुलना में कम मौतें हुई हैं?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार कोविड से मौत के आंकड़ों में भारत विश्व के लगभग 195 देशों में भारत तीसरे स्थान पर है। भारतीय जनता पार्टी दावा कर रही है कि कोविड से विकसित व विकासशील देशों की तुलना में भारत में बहुत ही कम मौत हुई है। इस दावे की सच्चाई को परखते हैं औऱ आइये, देखते हैं कि विश्व के विकसित देशों में कोविड से मौत का आंकड़ा क्या है भारत का आंकड़ा क्या है?

जापान, जर्मनी, कनाडा, इंग्लैंड, अमेरिका, चीन, डेनमार्क, आस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, फ्रांस और इटली आदि विकासित देशों की सूची में आते हैं। इनमें से केवल अमेरिका में ही कोविड से मौत का आंकड़ा भारत से ज्यादा है। अन्य देशों में ये आंकड़ा भारत से पांच से दस गुना तक कम है।

भारत में कोविड से 5,31,925 मौत हुई हैं। जबकि जापान में 74694, कनाडा में 53147, डेनमार्क में 8780,जर्मनी में 174979, इंग्लैंड में 228707, चीन में 121628, आस्ट्रेलिया में 22696, नीदरलैंड में 22986, फ्रांस में 167985 और इटली में कोरोना से 191167 मौतें हुई हैं।

आंकड़े बता रहे हैं कि भाजपा का ये दावा गलत है कि भारत में कोविड से विकसित देशों की तुलना में बहुत कम मौत हुई है। सच्चाई ये है कि भारत में इन देशों की तुलना में पांच से दस गुना ज्यादा मौतें हुई हैं।

भाजपा कोविड में मौतों की तुलना विकसित देशों से कर रही है, जबकि सच्चाई ये है कि  तीसरी दुनिया के अपने पड़ोसी देशों में भी कोविड के दौरान भारत से कई गुना कम लोगों की मौत हुई हैं। उदहारण के तौर पर पाकिस्तान में 30656 मौत हुई है, श्रीलंका में 16882, बांग्लादेश में 29476 और नेपाल में कोविड से 12031 लोगों की मौत हुई हैं।

कोविड से मौत के आंकड़ों में अपारदर्शिता और सरकार का रिजेक्शन

गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि भारत में कोविड से होने वाली मौतों की संख्या सरकारी आंकड़ों से कहीं ज्यादा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का दावा था कि भारत में कोविड से मौत का जो आंकड़ा सरकार के द्वारा बताया जा रहा है, वास्तविक संख्या उससे लगभग नौ-दस गुना ज्यादा है। भारत सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों का खंडन किया था और रिपोर्ट की मैथडोलॉजि पर कई सवाल उठाए थे।

कोविड के दौरान भारत सरकार पर लगतार आरोप लगते रहे कि कोरोना से होने वाली मौतों को जनबूझकर कम गिना जा रहा है। अंतिम संस्कार की जगहों पर लंबी कतारें, एक साथ जलती सैकड़ों लाश और नदियों में तैरती लाशों की तस्वीरें और खबरें आपको शायद याद ही होंगी।

इसके अलावा कोविड मैनेजमेंट में हुआ मिस मैनेजमेंट, एक हेल्थ इमरजेंसी को लॉ एंड ऑर्डर की समस्या की तरह ट्रीट करने और लॉकडाउन में हुई लोगों को तक़लीफ़ें, मज़दूरों का पलायन, ठप हुए कारोबार, बर्बाद हुई अर्थव्यवस्था इसे तो भारत सरकार अपनी “उपलब्धियों” यानी नाकामी में गिनती ही नहीं है।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते हैं।)

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