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मध्य प्रदेश: विधानसभा चुनाव से पहले बांटी जा रही 'रेवड़ियां'

कांग्रेस ने सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के वादों को पूरा करने में विफल रही जिसके बाद बीजेपी सिर्फ़ उनकी योजनाओं की 'नकल' कर रही है।
madhya pradesh

भोपाल: मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पांच लाख लोगों तक पहुंचने के उद्देश्य से एक नई 'आवास योजना' शुरू की है, जिसमें 3.78 लाख आवेदक भी शामिल हैं, जो पीएम आवास योजना के तहत वंचित थे। महिला उपभोक्ताओं तक पहुंचने के लिए एलपीजी (रसोई गैस) की दरों को घटाकर 450 रुपये करने के बाद, मुख्यमंत्री लाडली बहना आवास योजना, 18 साल के शासन के बाद सत्ता विरोधी लहर से उबरने के लिए सत्तारूढ़ सरकार का एक नवीनतम कदम है।

दोनों योजनाओं ने 2018 के विधानसभा और 2019 के संसदीय चुनावों के जनादेश को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में दो हितग्राहियों-ममता चौहान और दीपक बंसल के आवेदनों को मंजूरी देकर आवास योजना का शुभारंभ किया।

आवास योजना का विस्तार करने का भाजपा सरकार का यह कदम उसकी “2022 तक सभी के लिए आवास योजना” की पृष्ठभूमि में आया है, जो लोगों के लिए एक दूर का सपना बना हुआ है, जिससे सत्तारूढ़ दल के नेताओं को शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। इसकी भरपाई के लिए, इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले, सरकार ने मुख्यमंत्री लाडली बहना आवास योजना, भू-आवास योजना शुरू की और बेघर या हाशिए पर रहने वाले वर्गों को पट्टे और घर प्रदान करने के लिए सूरज पॉलिसी पेश की।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, सरकार ने उन वंचित परिवारों को आवास लाभ देने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की है, जिन्हें किसी भी सरकारी योजना के तहत घर नहीं मिले हैं। इसके तहत सभी कैटेगरी के बेघर पात्र परिवारों को लाभ मिलेगा।

जिला कलेक्टरों को जारी चार पेज की अधिसूचना में कहा गया है कि जिन परिवारों की मासिक आय 12,000 रुपये प्रति माह से कम है, परिवार का कोई भी सदस्य आयकर दाता नहीं है या जिनके आवेदन आवास प्लस ऐप पोर्टल पर स्वचालित रूप से खारिज कर दिए गए हैं, उन्हें इस योजना के अंतर्गत कवर किया जाएगा।

ऐसे परिवार जो भारत सरकार के एमआईएस पोर्टल पर पंजीकृत होने से छूट गए हैं अथवा सामाजिक, आर्थिक एवं जाति जनगणना 2011 एवं आवास प्लस की सूची में शामिल नहीं थे तथा जिन्हें किसी भी सरकारी योजना में आवास नहीं मिला है, वे सभी इस योजना के तहत पात्र होंगे।

जिनके पास 2.5 एकड़ या उससे अधिक सिंचित कृषि भूमि और 5 एकड़ से अधिक असिंचित कृषि भूमि है या जिनके पास चार पहिया वाहन है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। 5 अक्टूबर, 2023 की समय सीमा के साथ, सरकार को नई योजना के तहत अब तक पांच लाख से अधिक फॉर्म प्राप्त होने का अनुमान है।

प्राप्त आवेदनों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण पोर्टल पर पंजीकृत किया जायेगा। जिला पंचायत अधिकारी द्वारा सत्यापन के बाद राज्य सरकार पात्र परिवारों को आवास आवंटन की कार्रवाई करेगी।

विधानसभा के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 2023 में पीएम आवास योजना (ग्रामीण/शहरी) के तहत 47.55 लाख घर स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 39 लाख पूरे हो चुके हैं।

मध्य प्रदेश सरकार ने चुनाव से पहले हाशिए पर रहने वाले या बेघर लोगों को घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना और मुख्यमंत्री नगरीय भू-अधिकार योजना भी शुरू की। सरकारी आंकड़े कहते हैं कि दोनों योजनाओं के तहत अगस्त तक करीब 40,000 परिवारों को पट्टे दिये गये हैं।

लाडली बहना आवास योजना और भू आवास योजना के अलावा, फरवरी 2023 में, राज्य कैबिनेट ने 1 अप्रैल, 2020 के बाद अतिक्रमण हटाने से उपलब्ध भूमि पर बेघर, आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए घरों के निर्माण के लिए सूरज पॉलिसी-2023 पारित की। अपने "एंटी-माफिया" अभियान के साथ, सरकार का दावा है कि उसने 15,000 करोड़ रुपये मूल्य की 21,000 एकड़ जमीन मुक्त करा ली है।

जैसा कि पीएम मोदी और सीएम चौहान ने 2018 और 2019 के चुनावों में वादा किया था, 2022 तक हाशिए पर रहने वाले या बेघर लोगों को घर मुहैया कराने में विफल रहने के बाद सरकार ने चुनावों से पहले कई आवास योजनाएं शुरू की हैं।

विपक्षी कांग्रेस के 500 रुपये में एलपीजी सिलेंडर के वादे के ज़ोर पकड़ने के बाद, सीएम चौहान ने पिछले हफ्ते उज्ज्वला कार्डधारकों समेत लाडली बहना [महिला कार्डधारकों] के लिए केवल 450 रुपये में गैस सिलेंडर रिफिलिंग योजना शुरू की।

गौरतलब है कि राज्य में 90 लाख से अधिक गैस कनेक्शन हैं, जिनमें उज्ज्वला योजना के तहत 80 लाख कनेक्शन शामिल हैं। इनमें से सिर्फ 35 फीसदी महिलाएं ही कनेक्शन की मालिक हैं। इसलिए 1.31 करोड़ लाडली बहना में से केवल 30 लाख महिलाओं को ही योजना का लाभ मिलेगा।

कल्याणकारी योजनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए, कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भाजपा पर 1993-2003 में दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों को आवंटित 3.30 लाख पट्टों को रोकने का आरोप लगाया।

उन्होंने भाजपा पर विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की योजनाओं की नकल करने का भी आरोप लगाया। सुरजेवाला ने कहा, "मैंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ जी से आग्रह किया है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने तक कोई और घोषणा न करें।"

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल ख़बर को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

This Election, It’s Raining Houses and Pattas in Madhya Pradesh

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