20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हजारों छात्र-युवा शिक्षा बचाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर संसद की ओर बढ़े। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े। कई छात्रों को हिरासत में भी लिया गया। इसके बावजूद छात्र-युवा संसद परिसर के निकट तक पहुंचने में सफल रहे। आंदोलनकारियों ने ऐलान किया कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते।
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