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यूपी: पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक की आशंका, किसकी जिम्मेदारी?

विपक्ष ने भी इस पूरे मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार बेरोजगारों के सब्र का इम्तिहान न ले।
paper leak
फ़ोटो साभार : नवभारत टाइम्स

उत्तर प्रदेश सरकार एक बार फिर परीक्षा पेपर लीक को लेकर सवालों के घेरे में है। इस बार 17-18 फ़रवरी को हुई पुलिस विभाग की 60244 कॉन्स्टेबल पदों की भर्ती वाली परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया है। ये परीक्षा यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित करवाई जाती है। परीक्षा के बाद से ही कई जिलों में इसके पेपर लीक होने की खबरें सामने आ रही थीं। जिसे शुरुआत में बोर्ड ने खारिज़ कर दिया था। लेकिन बाद में सोशल मीडिया पर मामले के तूल पकड़ने के बाद इसमें पुख्ता जांच की बात कही जा रही है।

उधर, विपक्ष ने भी इस पूरे मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीजेपी की योगी आदित्यनाथ सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बीजेपी सरकार बेरोजगारों के सब्र का इम्तिहान न ले। विपरीत परिस्थितियों में युवा किसी तरह परीक्षा की तैयारी करते हैं लेकिन बीजेपी के राज में उनके साथ हमेशा मजाक-सा ही होता है।

जो आशंका थी, वो सच होकर समाचार बन गई

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अखिलेश यादव ने लिखा, “"यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा 2024 के सभी सत्रों का पेपर लीक होने की खबर सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट के साथ फैल रही है, जिससे लाखों बेरोजगार युवाओं में आक्रोश का माहौल है। पिछली अन्य परीक्षाओं की तरह इस बार भी रोजगार देने के नाम पर पेपर लीक होने की जो आशंका थी वो सच होकर, समाचारों के रूप में सामने आ रही है।"

उन्होंने अपने ट्वीट में आगे लिखा, "लगता है भाजपाइयों ने परीक्षाओं को पैसा कमाने का कारोबार बनाकर रख दिया है तभी तो ऐसे राजनीतिक प्रश्रय प्राप्त लोगों के खिलाफ कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं होती है और हर परीक्षा में यही खेल खेला जाता है। भाजपा ने युवक-युवतियों का विश्वास खो दिया है। इस लोकसभा चुनाव में युवा भाजपा को पदमुक्त कर देंगे। युवा ये कहता आज का, नहीं चाहिए भाजपा।"

यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड हरकत में

आपको बता दें कि मामले के तूल पकड़ने के बाद अब यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड भी हरकत में आ गया है। बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, “बोर्ड द्वारा अपनी प्रत्येक परीक्षा की पारदर्शिता और शुचिता को बनाए रखने हेतु सदैव कटिबद्ध है। बृहद स्तर पर परीक्षा के सकुशल संपन्न होने के पश्चात ट्रेंड कराई जा रही असत्यापित ख़बरों को बोर्ड द्वारा गहनता से यूपी पुलिस की सहायता से सत्यापित कराई जाएगी। अभ्यर्थी आश्वस्त रहें।”

ज्ञात हो कि इस मामले में यूपी पुलिस के मुताबिक बीते तीन दिन में 244 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, इन लोगों पर फर्जी तरीके से परीक्षा में शामिल होने का आरोप है। यूपी पुलिस का कहना है कि ये गिरफ्तारियां 15 से 18 फरवरी के बीच हुई हैं। इस पेपर के लीक होने के बाद से अभ्यर्थियों में भी नाराज़गी का माहौल है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने भी इस संबंध में एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया है कि परीक्षा से पहले पेपर के प्रश्न लीक कर दिए गए। टेलीग्राम के एक ग्रुप पर ये प्रश्न मिले, जिनका मिलान करने पर इस बात का खुलासा हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेज कर उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा के संभावित पेपर लीक की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की है।
खबरों की मानें तो, इस परीक्षा में 48 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें से 6 लाख उम्मीदवार अन्य राज्य से हैं। अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या को देखते हुए 75 ज़िलों में 2385 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सुरक्षा केन्द्रों के अंदर-बाहर कड़ी सिक्योरिटी तैनात थी। इस परीक्षा को लेकर प्रशासन पहले ही अलर्ट मोड पर था। खुद डीजीपी प्रशांत कुमार परीक्षा केंद्रों का दौरा करने के लिए भी पहुंचे थे। बावजूद इसके परीक्षा पेपर लीक एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।

मामले की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं

सोशल मीडिया पर फिलहाल ये मामला बेहद गर्म है। टॉप ट्रेंड में बना हुआ है। सोशल मीडिया में शनिवार, 17 फरवरी शाम से ही कई यूजर ये दावा कर रहे हैं कि यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया है। इसे लेकर कई स्क्रीनशॉट भी शेयर किए जा रहे हैं।

हालांकि शनिवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने इसे फर्जी खबर बताते हुए। एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि पेपर लीक के सभी दावे फर्जी हैं, एवं इसका भ्रम सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है। बोर्ड का कहना था कि परीक्षा सुचारू रूप से जारी है, युवा ऐसी किसी भी गलत जानकारी पर ध्यान न दें। हालांकि अब बोर्ड ने खुद जांच की बात कही है।

गौरतलब है कि भर्ती परीक्षा पेपर लीक का ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होते रहे हैं। जो लाखों युवाओं के भविष्य के सपने पर पानी भी फेरते रहे हैं। इसे लेकर सरकार संसद में कड़ा कानून भी ले आई। लेकिन बावजूद इसके ये तमने का नाम नहीं ले रहे।

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