Skip to main content
xआप एक स्वतंत्र और सवाल पूछने वाले मीडिया के हक़दार हैं। हमें आप जैसे पाठक चाहिए। स्वतंत्र और बेबाक मीडिया का समर्थन करें।

छत्तीसगढ़: संविदा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, स्वास्थ्य-शिक्षा समेत कई ज़रूरी सेवाएं प्रभावित!

"इस मौजूदा हड़ताल में प्रदेशभर के 54 सरकारी विभागों के क़रीब 45 हज़ार संविदाकर्मी हिस्सा ले रहे हैं, जो बघेल सरकार की वादाख़िलाफ़ी से नाराज़ हैं और अब उनका धीरज टूट चुका है।"
Workers protest

छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी विभागों में काम करने वाले हज़ारों संविदा कर्मचारियों ने आज यानी सोमवार, 3 जुलाई से अनिश्चितकालिन हड़ताल शुरू कर दी है। दावा है कि इस हड़ताल में क़रीब लगभग 45,000 संविदा कर्मचारी शामिल हैं। सभी संविदाकर्मी अपने-अपने दफ्तर छोड़कर फिलहाल जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि अगर अब भी सरकार इनकी नियमितीकरण की मांग नहीं मानती तो ये आगामी 10 तारीख से राजधानी रायपुर में धरने पर बैठेंगे।

बता दें कि ये सामूहिक हड़ताल छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले हो रही है और इसकी सूचना करीब दस दिन पहले ही राज्य शासन-प्रशासन को दी जा चुकी थी। इससे पहले ये सभी संविदाकर्मी इस साल की शुरुआत में हड़ताल पर गए थे और बीते 16 मई से करीब एक महीने से अधिक इन कर्मचारियों ने राज्य के सभी जिलों में नियमितीकरण रथयात्रा भी निकाली थी। रथयात्रा का समापन 23 जून को राजधानी रायपुर में संविदाकर्मियों की आक्रोश रैली से हुआ था।

क्या है पूरा मामला?

छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी संघ के मुताबिक राज्य की सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस ने सभी संविदाकर्मियों से साल 2018 में वादा किया था कि उनकी सरकार बनते ही इन सभी को नियमित कर दिया जाएगा। हालांकि जब सरकार बन गई और अब उसका कार्यकाल भी समाप्त ही होने वाला है, फिर भी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया, जिसके चलते बार-बार संविदाकर्मी सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।

महासंघ के प्रदेश सचिव श्रीकांत लास्कर न्यूज़क्लिक से बातचीत में बताते हैं कि इस मौजूदा हड़ताल में प्रदेशभर के 54 सरकारी विभागों के क़रीब 45 हज़ार संविदाकर्मी हिस्सा ले रहे हैं, जो बघेल सरकार की वादाखिलाफी से नाराज़ हैं और अब उनका धीरज टूट चुका है। हालांकि फिर भी उन्हें उम्मीद है कि शायद सरकार अभी भी उनकी मांग और अपने वादे पर अमल कर सकती है।

श्रीकांत लास्कर के मुताबिक इस हड़ताल से कई सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, जिसमें जरूरी स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे विभाग भी हैं, क्योंकि सबसे ज्यादा संविदाकर्मियों की संख्या इन्हीं विभागों में हैं। लेकिन इन सब की जिम्मेदार बघेल सरकार है क्योंकि उसे इस संबंध में पहले ही जानकारी दी जा चुकी है, साथ ही सभी विधायकों और कलेक्टरों के माध्यम से ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है।

ज़रूरी सेवाएं होंगी प्रभावित

ध्यान रहे कि छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में इस समय लगभग 15,000 संविदाकर्मी कार्यरत हैं तो वहीं पंचायत विभाग में करीब 5000, स्कूल, उच्च शिक्षा, कृषि आदि विभागों में कई हजार संविदा अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं, जो जरूरी सेवाएं मुहैया करवाते हैं। इस हड़ताल में महिला व बाल विकास विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित अन्य कई विभागों के कर्मचारी भी शामिल हैं, जिसके चलते कई विभागों के कामकाज ठप होने की संभावना है।

हड़ताल पर गए कई संविदाकर्मियों ने राज्य सरकार पर शोषण का भी आरोप लगाया है, उनका कहना है कि तय काम के अलावा भी विभाग में उन पर बहुत सारे अतिरिक्त काम थोप दिए जाते हैं। वहीं आवश्यकता अनुसार इनका मेहनताना भी नहीं बढ़ाया जाता। और तो और कई विभागों से इनकी छंटनी की खबरें भी हैं, जो इन्हें सड़क पर उतरने के लिए और मजबूर कर रही हैं।

कई संविदाकर्मियों का ये भी कहना है कि बघेल सरकार झूठी है और लगातार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। क्योंकि जो सरकार 40 दिन की नियमितीकरण रथयात्रा के बावजूद कर्मचारियों से कोई संवाद स्थापित ना करें, उस सरकार की नीयत स्पष्ट है। ऐसे में अब संविदाकर्मियों के पास अपनी मांग को मंगवाने के लिए हड़ताल पर जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।

गौरतलब है कि कांग्रेस ने संविदा कर्मचारियों से 2018 के चुनावी जनघोषणा पत्र के बिंदु क्रमांक11 में नियमितीकरण का वादा किया था, लेकिन अब सत्ता में आने के 4 साल 6 माह बीत जाने के बाद भी सरकार बार-बार कमेटियों में मामला उलझा कर लटकाती नज़र आ रही है। संविदाकर्मियों का साफ तौर पर कहना हैै कि ये सरकार की तरफ से संवादहीनता की स्थिति है। जाहिर है छत्तीसगढ़ में चुनावी समर के बीच इस समय कई कर्मचारी संगठनों का विरोध जारी है। हाल ही में राज्य के पटवारियों और पंचायत सचिवों का अनिश्चितकालीन धरना देखने को मिला था, इसके अलावा कई अन्य विभागों के कर्मचारियों के साथ ही प्रदेश के अनियमित कर्मचारी भी आंदोलनरत हैं। ऐसे में बहुत मुमकिन है कि बघेल सरकार आने वाले चुनावों में अपने ही वादों और इरादों में फंसती नज़र आए।

इसे भी पढ़ें: छत्तीसगढ़: हज़ारों संविदा कर्मियों का प्रदर्शन, 15 मई से निकलेगी 'संविदा नियमितीकरण रथयात्रा'

अपने टेलीग्राम ऐप पर जनवादी नज़रिये से ताज़ा ख़बरें, समसामयिक मामलों की चर्चा और विश्लेषण, प्रतिरोध, आंदोलन और अन्य विश्लेषणात्मक वीडियो प्राप्त करें। न्यूज़क्लिक के टेलीग्राम चैनल की सदस्यता लें और हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित हर न्यूज़ स्टोरी का रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त करें।

टेलीग्राम पर न्यूज़क्लिक को सब्सक्राइब करें

Latest