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दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार

लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से गैर कानूनी रूप से निकाले गए कोविड कर्मचारी प्रदर्शन पर बैठे हुए थे। इस दौरान पुलिस ने मज़दूर संगठन ऐक्टू सचिव समेत कोविड योद्धाओं को हिरासत में लिया।
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आज जब देशभर में लाखों परिवार कोविड महामारी की चपेट में अपने प्रियजनों को गवां चुके हैं तब कोविडग्रस्त रोगियों की सेवा और देखभाल करने वाले चिकित्साकर्मियों को काम से निकाला जा रहा है।

गौरतलब है कि जो मोदी सरकार इन कोविड योद्धाओं पर कल तक फूल बरसा रही थी वो आज फंड की कमी या ज़रूरत खत्म हो जाने जैसी बातें कहकर इन कोविड योद्धाओं को दूध में मक्खी की तरह निकालकर बाहर कर रही है। ऐक्टू के नेतृत्व में दिल्ली के अलग-अलग स्वास्थ्य संस्थानों में ऐसे ही जन-विरोधी कदम के खिलाफ कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी संघर्षरत हैं।

कोविड में जिन्होंने जनता की जान बचाई, आज उनकी जान बचाने वाला कोई नही

लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से लेकर डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल तक केंद्र सरकार ने भारी मात्रा में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की छटनी शुरू कर दी है। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में वेंटीलेटर और बाइपैप मशीन जैसी महत्वपूर्ण जीवन-रक्षक मशीनों को संचालित करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की छटनी कर दी गई है। डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में बारह-तेरह साल से कार्यरत कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों समेत दर्जनों कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों तक की छटनी की जा चुकी है। इसी प्रकार से केंद्र सरकार के ही अधीन आने वाले राजकुमारी अमृत कौर कॉलेज ऑफ नर्सिंग के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद काम से हटा दिया गया है। गौरतलब है कि भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन उप-श्रमायुक्त कार्यालय के निर्देशों के ठीक विपरीत जाकर सरकारी संस्थान कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को रखने को तैयार नही है।

दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के इशारों पर मज़दूर नेताओं और कर्मचारियों को कर रही है परेशान

इन सभी संस्थानों में ऐक्टू के नेतृत्व में कॉन्ट्रैक्ट के स्वास्थ्य कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं। आज दिनांक 2 अप्रैल को लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के बाहर शांतिपूर्ण रूप से धरना दे रहे। कर्मचारियों और उनका नेतृत्व कर रहे ऐक्टू के राज्य सचिव सूर्य प्रकाश को दिल्ली पुलिस द्वारा मनमाने तरीके से उठाकर मंदिर मार्ग थाने में बंद कर दिया गया। रिपोर्ट लिखे जाने तक ऐक्टू नेता सूर्य प्रकाश और सभी 'कोविड नेता' थाने में बंद हैं।

पुलिस द्वारा मोदी सरकार के समक्ष उठाई गई मांगों के प्लेकार्ड को लेकर धरने के दौरान आपत्ति जताई गई थी- जो सरासर गैरकानूनी हस्तक्षेप है।

मंदिर मार्ग थाने में बंद ऐक्टू दिल्ली के सचिव सूर्य प्रकाश ने बताया कि पुलिस-दमन और सरकारी दबाव के बावजूद हम अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे नही हटेंगे। केंद्र सरकार को कोविड योद्धाओं से किये गए धोखे का उचित जवाब दिया जाएगा।

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